अयोध्या केस के फैसले के मददेनज़र प्रशासन मुस्तैद हो गया है.

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अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले सभी राजनीतिक दलों से लेकर मामले के पक्षकारों व अलग-अलग धार्मिक संगठनों की तरफ से फैसले पर संयम बरतने की अपील की जा रही है.

अयोध्या न्यूज़ (Ayodhya News): अयोध्या में राम जन्म भूमि विवाद (Ram Mandir) पर अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का 17 नवम्बर को फैसला आने की संभावना से पहले हर तरफ हलचल साफ दिखाई देने लगी है. यह केस भूमि विवाद के साथ ही आस्था से जुड़े होने के वजह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर काफी सावधानियाँ बरती जा रही है. देश के सभी राजनैतिक दलों से लेकर इस मामले के सभी पक्षकारों व अलग-अलग धार्मिक संगठनों की तरफ से फैसले पर संयम बरतने की अपील की जा रही है.

अयोध्या मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने क्या कहा था ??

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी (Narendra Modi) ने अपने पिछले मन की बात के कार्यक्रम जो की 27 अक्टूबर को अयोध्या विवाद पर आए 2010 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा था कि उस समय कुछ बड़बोले लोगो ने चर्चा में आने के लिए काफी गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए थे और यह सिलसिला करीब पांच से दस दिनों तक जारी रहा था. लेकिन उस फैसले के बाद जनता, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, संतों, मनीषियों और सभी धर्मों के प्रमुखों ने संयम बरता, जिसकी बदौलत एकता कायम हुई. पीएम मोदी के इस बयान के बाद आरएसएस और मुस्लिम संगठनों ने भी इस तरह की अपील की है. अक्टूबर के आखिर में दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय सभा में आरएसएस ने अपने सभी काडर को अयोध्या केस में कोर्ट के फैसले को संयम के साथ स्वीकार करने के निर्देश दिए है.

अयोध्या प्रशासन अपने पूरी तैयारी में

अयोध्या प्रशासन ने पुरे जिले भर में सोशल मीडिया पर होने वाले धार्मिक कमेंट पर एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में कहा गया है कि अयोध्या, मंदिर, मस्जिद या फिर सांप्रदायिक कमेंट सोशल मीडिया पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और साथ ही 28 दिसंबर तक अयोध्या में सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम, राजनैतिक धार्मिक-सामाजिक रैलियां, वॉल पेंटिंग, जलसे और जुलूस पर रोक लगा दी है. पूरे जिले में धारा 144  लागु करने का भी फैसला हुआ है. इस प्रकार अयोध्या केस पर फैसले से पहले शांति और अमन कायम रखने की अपील की जा रही हैं ताकि अयोध्या के फैसले का असामाजिक तत्व इसका गलत फायदा न उठा लें.

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