Four wheeler, Two wheeler insurance will be expensiveबिज़नेस 

फोर व्हीलर, ट्व व्हीलर गाड़ियों का Third party insurance होगा महंगा

‘IRDA’ बीमा क्षेत्र के नियामक ने इस वित्त वर्ष के लिए कारों और दो पहिया वाहनों के थर्ड पार्टी प्रीमियम में बढ़ोतरी किये जाने का प्रस्ताव दिया.

बिज़नेस न्यूज़ (Business News): देश में Lok Sabha Election खत्‍म होने के साथ ही बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कारों व टू व्हीलर के Third party insurance को महंगा करने का प्रस्ताव पास किया है. इस प्रस्ताव के अनुसार 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली कारों का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम मौजूदा 1,850 रुपये से बढ़ाकर 2,120 रुपये कर दिया जाना चाहिये. इसी तरह 1,000 सीसी और 1,500 सीसी के बीच पड़ने वाली कारों के प्रीमियम को मौजूदा 2,863 रुपये से बढ़कर 3,300 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है.

ट्व व्हीलर के क्या प्रस्ताव है?

ट्व व्हीलर गाड़ियों के लिए ‘IRDA’ ने कहा है की जो गाड़ी 75 सीसी से कम क्षमता वाले दोपहिया के लिए थर्ड पार्टी प्रीमियम 427 रुपये से बढ़ाकर 482 रुपये करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही 75 सीसी से लेकर 350 सीसी तक के लिये भी वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है लेकिन 350 सीसी से अधिक की सुपरबाइक में किसी तरह के बदलाव का प्रस्ताव नहीं किया गया है. लेकिन निजी इस्तेमाल की इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक दोपहिया कारों के मामले में थर्ड पार्टी मोटर बीमा प्रीमियम में 15 फीसदी छूट का प्रस्ताव किया है. दूसरी तरफ टैक्सी, बसों और ट्रक के मामले में भी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है.

क्या है थर्ड पार्टी बीमा?

भारत सरकार के मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत सभी मोटर वाहनों के लिए थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस या थर्ड पार्टी बीमा कवर लेना जरूरी है. इसमें बीमा कराने वाला पहली पार्टी होता है और बीमा कंपनी दूसरी पार्टी होती है. तीसरी पार्टी वह होती है, जिसे बीमा कराने वाला व्यक्ति से नुकसान पहुंचता है. तीसरी पार्टी ही नुकसान के लिए दावा करती है. आसान भाषा में समझें तो यह बीमा पॉलिसी आपके वाहन से दूसरे लोग और उनकी संपत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है. इसे ही थर्ड पार्टी बीमा कहते है.

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