शिवाजी पार्क में आज शिवसेना नया इतिहास लिखने जा रही है.

शिवाजी पार्क से ही शिवसेना ने राजनीती की शुरुआत की थी और उद्धव ठाकरे वही पर मुख्यमंत्री का शपथ लेने जा रहे है.

मुंबई न्यूज़ (Mumbai NEWS): महाराष्ट्र राज्य में अब सियासी तूफ़ान थमने के बाद नयी सरकार के शपथ लेने की तैयारी अपने अंतिम दौर में जोरो शोरो से चल रही है. इसी शपथ लेने के साथ महाराष्ट्र राज्य में शिवसेना कांग्रेस एनसीपी के महागठबंधन की महाआघाडी की सरकार सत्ता में आ जाएगी.इस महाआघाडी गठबंधन सरकार की बाग़डोर शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों में होगी.आप को बता दे की उद्धव ठाकरे दूसरे दूसरे व्‍यक्‍ति होंगे जो शिवसेना से मुख्‍यमंत्री बनेंगे. इससे पहले साल 1995 में शिवसेना पार्टी की ओर से पहले मुख्यमंत्री बने थें मनोहर जोशी.

शिवाजी पार्क और शिवसेना पार्टी के बीच जुड़ाव के बारे में

मुंबई के दादर में स्थित शिवाजी पार्क पिछले पांच दशक के दौरान शिवसेना पार्टी की राजनीति का केंद्र रहा है. यह शिवाजी मैदान साल 1966 में भगवा दल की पहली रैली से लेकर शिवसेना पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार और साल 1995 में शिवसेना पार्टी की ओर से पहले मुख्यमंत्री बने मनोहर जोशी के शपथ ग्रहण तक का गवाह रहा है. अब इसी शिवाजी मैदान पर गुरुवार की शाम को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.अब तक के इतिहास में पहली बार ठाकरे परिवार से कोई सत्ता में सीधे तौर पर शामिल हो रहा है, वैसे भी शिवाजी मैदान मुंबई शहर के सामाजिक ताने बाने का अटूट हिस्सा रहा है.शिवाजी मैदान ने ठाकरे परिवार की चार पीढ़ियों के जरिए शिवसेना का उदय देखा है. इन चार पीढ़ियों में केशव जिन्हें प्रबोधनकार (सामाजिक सुधारक) नाम से जाना जाता है, उनके बेटे और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे, उद्धव, राज और आदित्य शामिल हैं. दादर-वडाला-माटुंगा-सायन-माहिम शहर योजना के तहत परिकल्पित 28 एकड़ में फैला खेल का मैदान साल 1925-26 में दादर में पहली बार अस्तित्व में आया था. शिवाजी पार्क इलाके में 80 साल से रह रहे अशोक रावत के अनुसार साल 1927 में मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की जयंती पर इसका नाम शिवाजी पार्क रखा गया. इस मैदान में खेल से संबंधित कई कार्यक्रम होते हैं, जिनमें क्रिकेट और फुटबॉल, मलखंब और खोखो जैसे खेल शामिल हैं. इसी मैदान में खेल कर दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और विनोद काम्बली बड़े हुए हैं.

शिवाजी पार्क और बाल ठाकरे के विषय में

भारत के आज़ादी के समय इस मैदान में स्वतंत्रता आंदोलनों की बैठकें भी होती थी और साल 1960 के दशक में पूर्ण राज्य की मांग को लेकर चलाया गया संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन का भी गवाह बना. ‘जय महाराष्ट्र- हा शिवसेना नवचा इतिहास आहे’ (शिवसेना का इतिहास) के लेखक वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश अकोलकर के अनुसार अक्टूबर 1966 में जब बाल ठाकरे ने पहली रैली शिवाजी पार्क में संबोधित की थी तब परिवार इस बात को लेकर आशंकित था कि क्या भीड़ आएगी. शिवाजी मैदान पर बाल ठाकरे दशहरा रैली को संबोधित करते थे और अब उनके बेटे उद्धव ठाकरे इस दशहरा रैली संबोधित करते हैं. शिवाजी मैदान पार्टी के लाखों शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए आस्था का केंद्र है. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद शिवाजी मैदान में लाखों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया था. दिलचस्प है कि उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की पहली रैली भी शिवाजी पार्क में की थी.

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